होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..
दर्द की हर हद से गुज़रा है... मेरा इश्क़... वफ़ा की हर शयसे जुडा है.. मेरा इश्क..!!! तू पास है तो जन्नत है मेरा इश्क़.. जो तू नहीं तो मन्नत है मेरा इश्क़..!!! हर फिज़ा मे महक़ता है.. मेरा इश्क.. जो तू नहीं यादो में खोया है.. मेरा इश्क..!!! वक्त के साथ सच्चा रहा हैं मेरा इश्क.. तू जो नही साथ झूठा लगा है मेरा इश्क..!!! हर ख्वाब से जाकर मिला है.. मेरा इश्क़.. चुभते हुए ख्वाबों में सिमटा है.. मेरा इश्क़..!!! यूँ एतबार पे हर बार ज़िया हैं.. मेरा इश्क.. रूह से तेरी न कभी जुदा हैं.. मेरा इश्क..!!!