होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..
प्यार
अपने अहसास से छूकर मुझे संदल करदो, मैं सदियों से अधूरा हूँ मुकम्मल करदो, न तुम्हें होश रहे न मुझे होश रहे, इस क़दर टूट के चाहो मुझे पागल करदो, एक नज़र प्यार से देखो मुझे घायल करदो,
Comments
Post a Comment