मेरी किस्मत December 06, 2018 मैं उन्हें छेड़ूँ और कुछ न कहें चल निकलते जो में पिए होते क़हर हो या भला हो , जो कुछ हो काश के तुम मेरे लिए होते मेरी किस्मत में ग़म गर इतना था दिल भी या रब कई दिए होते आ ही जाता वो राह पर ‘ग़ालिब ’ कोई दिन और भी जिए होते Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments UnknownDecember 21, 2018 at 4:55 AMToo good ReplyDeleteRepliesReplyAdd commentLoad more... Post a Comment
होंठ झुके जब होंठों November 25, 2019 होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से .. Read more
वो थक जायगा November 16, 2019 बीछड कर उसका दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जायगा और मेरे गले से आ लगेगा मे मुस्किल मे तुमारे काम आऊ या ना आऊ बस तुम आवज लगा देना मुजे अच्छा लगेगा Read more
काले धन की तरह छुपा रखा है November 25, 2019 काले धन की तरह छुपा रखा है तुम्हारी मोहब्बत अपने दिल में जान, कहीं हंगामा ना हो जाये, इसलिए हम खुलासा नही करते। Read more
Too good
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