कुछ इश्क़ किया Skip to main content

होंठ झुके जब होंठों

होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..

कुछ इश्क़ किया




कुछ इश्क़ किया 

कुछ काम किया 

वो लोग बहुत ख़ुश-क़िस्मत थे 

जो इश्क़ को काम समझते थे 

या काम से आशिक़ी करते थे

हम जीते-जी मसरूफ़ रहे 

कुछ इश्क़ किया 

कुछ काम किया 

काम इश्क़ के आड़े आता रहा 

और इश्क़ से काम उलझता रहा 

फिर आख़िर तंग आ कर 

हम ने दोनों को अधूरा छोड़ दिया

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