होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..
तुम्हारे माथे पर खिसक
तुम्हारे माथे पर खिसक रही
दो चार जुल्फों में
मेरी जीवनी लिपटी है,
जब हवा चलती है
तो तुम्हारी जुल्फों पर
लदा मेरा ह्रदय झूलता है
तुम्हारे होंठ मेरे स्वप्नों का पालना है मैं तुम्हारे प्रेम में पड़ा नवजात शिशु हूँ
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