तुम्हारे माथे पर खिसक Skip to main content

होंठ झुके जब होंठों

होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..

तुम्हारे माथे पर खिसक



तुम्हारे माथे पर खिसक रही दो चार जुल्फों में मेरी जीवनी लिपटी है, जब हवा चलती है तो तुम्हारी जुल्फों पर लदा मेरा ह्रदय झूलता है तुम्हारे होंठ मेरे स्वप्नों का पालना है मैं तुम्हारे प्रेम में पड़ा नवजात शिशु हूँ

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होंठ झुके जब होंठों

होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..

वो थक जायगा

बीछड कर उसका दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जायगा और मेरे गले से आ लगेगा मे मुस्किल मे तुमारे काम आऊ या ना आऊ  बस तुम आवज लगा देना मुजे अच्छा लगेगा

काले धन की तरह छुपा रखा है

काले धन की तरह छुपा रखा है तुम्हारी मोहब्बत अपने दिल में जान, कहीं हंगामा ना हो जाये, इसलिए हम खुलासा नही करते।