होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..
आज उसको देखकर
आज उसको देखकर मुँह मोड़ लिया हमनें, जिससे नजर मिलाने को खुदा से अकड़ गया था... आज फिर वो पहन रखी थी नीली पोषक, जिसे खरीदते समय मैं अपने सपनो से भी लड़ गया था।।
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