होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..
ख्यालों में कभी
ख्यालों में कभी पहले हमारे हुआ नहीं ऐसे। सुबह शाम आंखो में हमारे कोई रहा नहीं ऐसे। धड़कने चल रही ऐसे कि उनको रोक लो कोई, दर्द जो उठ रहा है अब कभी पहले सहा नहीं ऐसे।।।
Comments
Post a Comment