होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..
ख्यालों तक ही सिमटी रहे
कुछ चीज़ें ख्यालों तक ही सिमटी रहे तो अच्छी है कुछ चीजें दुनिया की नजरों से दूर रहे तो सच्ची है, पहली ही बारिश में हो सकते हो बेदख़ल घर से तुम यहाँ हर मकान पक्का पर इनकी नींव ही कच्ची है।
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