स्वर्ग लोक पहुँचा देंगे Skip to main content

होंठ झुके जब होंठों

होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..

स्वर्ग लोक पहुँचा देंगे

हम मर्यादित है तो क्या ...

तुम जो चाहे वो बक जाओगे 

इतने टुकडो में काटेंगे कि

 गिनते गिनते थक जाओगे 





सहते रहना हर  जुल्म तुम्हारा 

ये तो अच्छी  बात नही....

सर्प गले का शिव को काटे 

ये उसकी औकात नही 

और राग अलापा गर काश्मीर का 

तो स्वर्ग लोक पहुँचा देंगे

और छप्पन इंची सीने की 

ताकत फिर से दिखला देंगे..

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काले धन की तरह छुपा रखा है तुम्हारी मोहब्बत अपने दिल में जान, कहीं हंगामा ना हो जाये, इसलिए हम खुलासा नही करते।