होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..
भीगीं यादें आती हैं
भीगीं यादें आती हैं तो वो सौगात मेरी नहीं जो याद बहुत आती है वो बात मेरी नहीं क्यूं इल्जाम देते हो मुझको ही हर बात का जो ख्वाब इतने लाती हैं वो रात मेरी नहीं
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