धड़कन Skip to main content

होंठ झुके जब होंठों

होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..

धड़कन

तुम्हें देखकर बढ़ जाती है धड़कन दिल की
लगता है कि तुम राह नहीं मेरी मंजिल की
मैं तुम्हें निहारता रहूँगा अतीत की गलियों में
जिंदगी गुजार दूँगा गुमनाम लेकिन,
तुम से कभी नहीं मिलूँगा.....
   "क्योंकि तुम अमानत हो किसी और की"


       # एक ढलती शाम का गुमनाम मुसाफ़िर #

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वो थक जायगा

बीछड कर उसका दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जायगा और मेरे गले से आ लगेगा मे मुस्किल मे तुमारे काम आऊ या ना आऊ  बस तुम आवज लगा देना मुजे अच्छा लगेगा

काले धन की तरह छुपा रखा है

काले धन की तरह छुपा रखा है तुम्हारी मोहब्बत अपने दिल में जान, कहीं हंगामा ना हो जाये, इसलिए हम खुलासा नही करते।