होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..
धड़कन
तुम्हें देखकर बढ़ जाती है धड़कन दिल की
लगता है कि तुम राह नहीं मेरी मंजिल की
मैं तुम्हें निहारता रहूँगा अतीत की गलियों में
जिंदगी गुजार दूँगा गुमनाम लेकिन,
तुम से कभी नहीं मिलूँगा.....
"क्योंकि तुम अमानत हो किसी और की"
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