होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..
आँखों में आंसू
कभी आयी तेरी याद माँ तो हम जी भर के रो लिए
कभी जागेह हम सारी रात तो कभी दिन में ही सो लिए
आंसुओ से तुम्हारे न होने का गम मिटा रहा हूँ
क्या बताऊ कैसे जीए जा सराहा हु
तुम्हारा दुलार बहुत याद आता है
हर बार आँखों में आंसू छोड़ जाता है ॥
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