महफ़िल January 15, 2019 कारीगर हूं साहेब, शब्दों की मिट्टी से महफ़िल सजाता हूँ.... किसी को बेकार, किसी को लाजवाब नज़र आता हूं..... Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
होंठ झुके जब होंठों November 25, 2019 होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से .. Read more
वो थक जायगा November 16, 2019 बीछड कर उसका दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जायगा और मेरे गले से आ लगेगा मे मुस्किल मे तुमारे काम आऊ या ना आऊ बस तुम आवज लगा देना मुजे अच्छा लगेगा Read more
काले धन की तरह छुपा रखा है November 25, 2019 काले धन की तरह छुपा रखा है तुम्हारी मोहब्बत अपने दिल में जान, कहीं हंगामा ना हो जाये, इसलिए हम खुलासा नही करते। Read more
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