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होंठ झुके जब होंठों

होंठ झुके जब होंठों पर.. साँस उलझी हो साँसों में .. दो जुड़वा होंठों की बात कहो आँखों से ..

ज़िन्दगी

तुम्हारे बिना भी हमने अकेले ही ज़िन्दगी बितायी है, ना जाने कौन सी भूल की सजा हमने पायी है।

बदल जाओ वक्त

बदल जाओ वक्त के साथ, या फिर वक्त को बदलना सीखो। मजबूरियों को मत कोसो,  हर हाल में चलना सीखो।

तकदीर

कुछ हार गई तकदीर कुछ टूट गए सपने...              कुछ गेरो ने बर्बाद किया...                 कुछ छोड़ गए अपने...

प्यार सच्चा

मेरा प्यार सच्चा था इसलिए तेरी याद आती है, अगर तेरी बेवफाई भी सच्ची है तो अब यादों में मत आना

क़िस्मत

आँख की क़िस्मत है अब बहता समुंदर देखना और फिर इक डूबते सूरज का मंज़र देखना

मंज़िल

परिंदों को मिलेगी मंज़िल यक़ीनन, ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर, ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं

मेरे एहसासों

मुझे फर्क नहीं पड़ता कभी मिलो न मिलो तुम मेरे एहसासों में रहते हो बस इतना ही काफी हैं !!